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कोणार्क सूर्य मन्दिर के टाप- 20 रोचक तथ्य

यद्यपि कोणार्क का सूर्य मन्दिर तमाम रोचक तथ्यों से भरा हुआ हैं। इस आलेख में कुछ अति महत्वपूर्ण रोचक तथ्यों पर प्रकाश डाला जा रहा है जो निम्नवत हैः-

  1. इस पवित्र स्थान को वास्तव में यूनेस्को ग्लोब हेरिटेज वेबसाइट के रूप में शामिल किया गया है।
  2. इस पवित्र स्थान को ओडिशा के स्वर्ण त्रिभुज की तीसरी वेब लिंक माना जाता है जिसमें पुरी में जगन्नाथ पवित्र स्थान और साथ ही भुवनेश्वर में लिंगराज पवित्र स्थान शामिल है।
  3. यह पवित्र स्थान पुरानी उड़िया शैली का अनूठा उदाहरण है।
  4. यह पवित्र स्थान अपने अनोखे रूप के साथ-साथ मूर्तिकला के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।
  5. इस पवित्र स्थल को भारत के 8 वें अजूबे के रूप में जाना जाता है।
  6. इस भव्य पवित्र स्थान की कुल ऊंचाई 69.7992 मीटर (229 फीट) है।
  7. लोककथाओं के अनुसार इस पवित्र स्थान का निर्माण वास्तव में कलिंग डिजाइन के अनुसार किया गया है।
  8. सूर्य देवता के मूर्तिपूजक को पवित्र स्थान के अन्दर इस तरह रखा गया था जैसे कि बढ़ती धूप की पहली किरण उस पर पड़ी हो, जिसके प्रकाश से सारा पवित्र स्थान जगमगा उठा।
  9. कोणार्क के पवित्र स्थान की मूर्तियों में कामुकता को वास्तव में भव्य और रचनात्मक तरीके से चित्रित किया गया है।
  10. पवित्र स्थान के दक्षिण भाग में 2 घोड़े हैं, जिन्हें उड़ीसा राज्य सरकार ने अपने प्रतीक के रूप में चुना है।
  11. आजकल विदेशों से आने वाले पर्यटक कोणार्क के पवित्र स्थल के दर्शन करने के साथ-साथ इसकी ऐतिहासिक कथाओं के साथ-साथ रहस्यमयी जानकारियों को जानने की इच्छा भी प्रकट करते हैं।
  12. कोणार्क के सूर्यप्रकाश पवित्र स्थान को अंग्रेजी में ‘ब्लैक पैगोडा‘ भी कहा जाता है।
  13. इस पवित्र स्थान की विशिष्टताओं में यह भी है कि वास्तव में इसमें सूर्यदेव कैसे विराजमान हैं, मानो वे अपने रथ पर कहीं जा रहे हों।
  14. पवित्र स्थान के अंदर के क्षेत्रों में फूलों की घंटियों के साथ-साथ ज्यामितीय पैटर्न के आकर्षक निर्माण वास्तव में किए गए हैं। इनके साथ-साथ मनुष्य, देवता, गंधर्व, किन्नर आदि के भव्य चित्र को भी संवेदी मुद्राओं में भी प्रस्तुत किया गया है।
  15. ऐसी कहावत है कि जब कोणार्क का पवित्र स्थान बनाया गया था, तब वह समुद्र तट के बेहद करीब हुआ करता था। स्थानीय लोगों के अनुसार यह पवित्र स्थान प्रतिकूल शक्तियों को दूर करने के लिए भी प्रसिद्ध है।
  16. यह पवित्र स्थान एक रथ के रूप में बनाया गया था। रथ के प्रत्येक पहिया 10 फीट चौड़ा है और साथ ही रथ को 7 शानदार अश्वों द्वारा खींचा जा रहा है।
  17. पवित्र स्थान के प्रवेश द्वार के पास एक नट मंदिर है। यह वह स्थान है जहां पवित्र स्थान के पेशेवर नर्तक सूर्य के प्रकाश भगवान को प्रसन्न करने के लिए नृत्य करते थे।
  18. कोणार्क पवित्र स्थान पूरी तरह से भगवान सूर्य को समर्पित है और साथ ही यहां सूर्य के प्रकाश भगवान की पूजा की जाती है।
  19. इस पवित्र स्थान की सबसे आकर्षक विशेषता यह है कि इस पवित्र स्थान के चक्रों पर पड़ने वाले अँधेरे से हम उस क्षण का ठीक से अनुमान लगा सकते हैं अर्थात् यह पवित्र स्थान समय की गति को प्रकट करता है।
  20. इस पवित्र स्थान को ग्लोब हेरिटेज भी कहा जाता है।

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